
Chapter 7 भू – आकृतियाँ तथा उनका विकास
Authored by Manish Kumar
Geography
11th Grade
Used 1+ times

AI Actions
Add similar questions
Adjust reading levels
Convert to real-world scenario
Translate activity
More...
Content View
Student View
24 questions
Show all answers
1.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
हिमनद के द्वारा अपरदन से निर्मित स्थलरूपों के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?
A
अधिकतर सर्क हिमनद घाटियों के शीर्ष पर पाए जाते हैं।
B
सर्क के शीर्ष पर अपरदन होने से हॉर्न निर्मित होते हैं।
C
हिमानीकृत घाटियाँ अंग्रेज़ी के अक्षर U जैसी होती हैं।
D
इनमें से कोई नहीं।
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः ऊपर दिये गए सभी कथन सत्य हैं।
हिमनद के द्वारा अपरदन के फलस्वरूप निर्मित प्रमुख स्थलरूप हैं- सर्क, हॉर्न या गिरिश्रृंग, हिमनद घाटी/गर्त आदि।
हिमानीकृत पर्वतीय भागों में हिमनद द्वारा उत्पन्न स्थलरंध्रों में सर्क सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण हैं। अधिकतर सर्क हिमनद घाटियों के शीर्ष पर पाए जाते हैं। एकत्रित हिम पर्वतीय क्षेत्रों से नीचे आती हुई सर्क को काटती है। सर्क लंबे व चौड़े गर्त हैं जिनकी दीवार तीव्र ढाल वाली सीधी या अवतल होती है।
सर्क के शीर्ष पर अपरदन होने से हॉर्न निर्मित होते हैं। यदि तीन या अधिक विकीर्णित हिमनद निरंतर शीर्ष पर तब-तक अपरदन जारी रखें जब-तक उनके तल किनारों में मिल नहीं जाते हैं। इसके उपरांत एक तीव्र किनारों वाली नुकीली चोटी का निर्माण होता है, जिन्हें हॉर्न कहते हैं। हिमालय पर्वत की सबसे ऊँची चोटी एवरेस्ट, वास्तव में हॉर्न है जो सर्क के अपरदन से निर्मित है।
हिमानीकृत घाटियाँ गर्त की भाँति होती हैं जो आकार में अंग्रेज़ी के अक्षर U जैसी होती हैं, जिनके तल चौड़े व किनारे चिकने तथा ढाल तीव्र होते हैं।
2.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
पिघलते हुए हिमनद के द्वारा मिश्रित रूप से भारी व महीन पदार्थों के निक्षेप को कहा जाता है-
A
हिमोढ़
B
एस्कर
C
ड्रमलिन
D
सर्क
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः पिघलते हुए हिमनद के द्वारा मिश्रित रूप में भारी व महीन पदार्थों का निक्षेप-हिमोढ़ या हिमनद गोलाश्म के रूप में जाना जाता है। इन निक्षेपों में अधिकतर चट्टानी टुकड़े नुकीले या कम नुकीले आकार के होते हैं।
3.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित में से किस-हिमनद स्थलरूप का विकास हिमनद दरारों में भारी चट्टानी मलबे के भरने व उसके बर्फ के नीचे रहने से होता है?
A
एस्कर
B
हिमानी धौत मैदान
C
ड्रमलिन
D
हॉर्न
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः ड्रमलिन हिमनद मृत्तिका के अंडाकार समतल कटकनुमा स्थलरूप हैं जिसमें रेत व बजरी के ढेर होते हैं। ड्रमलिन का निर्माण हिमनद दरारों में भारी चट्टानी मलबे के भरने व उसके बर्फ के नीचे रहने से होता है। ड्रमलिन के लंबे भाग हिमनद के प्रवाह की दिशा के समानांतर होते हैं। ये एक किलोमीटर तक लंबे व 30 मीटर तक ऊँचे होते हैं। ड्रमलिन हिमनद प्रवाह की दिशा को बताते हैं।
4.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
समुद्री तरंगों व धाराओं के द्वारा निर्मित स्थलरूपों के संबंध में नीचे दिये गए कथनों पर विचार कीजियेः
1. तटरेखा का अत्यधिक अवनमन होने से किनारे के स्थल भाग के जलमग्न होने से फियोर्ड तट बनते हैं।
2. रोधिकाएँ जिनका एक भाग खाड़ी के शीर्षस्थल से जुड़ा हो उसे लैगून कहते हैं।
3. रोधिका तथा स्पिट किसी खाड़ी के मुख पर निर्मित होकर इसके मार्ग को अवरुद्ध करके तटीय मैदान का निर्माण करते हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A
केवल 1
B
केवल 2 और 3
C
केवल 3
D
1, 2 और 3
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
केवल पहला कथन सत्य है। ऊँचे चट्टानी तटों के सहारे तट रेखाएँ अनियमित होती हैं तथा नदियाँ जलमग्न प्रतीत होती हैं। तटरेखा का अत्यधिक अवनमन होने से किनारे के स्थल भाग जलमग्न हो जाते हैं और वहाँ फियोर्ड तट बनते हैं।
दूसरा व तीसरा कथन असत्य है। रोधिकाएँ जलमग्न आकृतियाँ हैं और जब यही रोधिकाएँ जल के ऊपर दिखाई देती हैं तो इन्हें रोध (Barriers) कहा जाता है। ऐसी रोधिकाएँ जिनका एक भाग खाड़ी के शीर्षस्थल से जुड़ा हो तो इसे स्पिट (Spit) कहा जाता है। जब रोधिका तथा स्पिट किसी खाड़ी के मुख पर निर्मित होकर इसके मार्ग को अवरूद्ध कर देते हैं तब लैगून (Lagoon) निर्मित होते हैं। कलांतर में लैगून स्थल से बहाए गए तलछट से भर जाता है और तटीय मैदान की रचना होती है।
5.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. भारत का पश्चिमी तट ऊँचा चट्टानी निवर्तन तट है।
2. भारत के पूर्वी तट निचले अवसादी तट हैं।
3. भारत के पूर्वी तट पर निक्षेपित स्थलाकृतियाँ पाई जाती हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/है?
A
केवल 1 और 2
B
केवल 2 और 3
C
केवल 2
D
1, 2 और 3
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः उपरोक्त सभी कथन सत्य हैं। तटीय स्थलरूपों के विकास को समझने के लिये तटों को दो भागों में वर्गीकृत किया जाता हैः (1) ऊँचे चट्टानी तट (जमग्न तट) (2) निम्न, समतल व मंद ढाल के अवसादी तट (उन्मग्न तट) भारत का पश्चिमी तट ऊँचा चट्टानी निर्वतन तट है। पश्चिमी तट पर अपरदित आकृतियाँ बहुतायत में हैं। भारत के पूर्वी तट निचले अवसादी तट हैं। इन तटों पर निक्षेपित स्थलाकृतियाँ पाई जाती हैं।
6.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
यदि समुद्री तूफान या सुनामी समुद्र से स्थल की ओर प्रवाहित होती है तो समुद्री अपतट पर बनी विभिन्न स्थलाकृतियों से उनके टकराने का सही क्रम कौन-सा है?
A
रोध – रोधिकाएँ – पुलिन - पुलिन स्तूप
B
रोधिकाएँ – रोध – पुलिन - पुलिन स्तूप
C
पुलिन – रोध – रोधिकाएँ - पुलिन स्तूप
D
पुलिन – पुलिन स्तूप – रोध - रोधिकाएँ
D
C
B
A
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः समुद्र के अपतट पर बनी रोधिकाएँ तूफान और सुनामी लहरों के आक्रमण के समय सबसे पहले बचाव करती हैं क्योंकि ये रोधिकाएँ इनकी प्रबलता को कम कर देती हैं। इसके बाद रोध, पुलिन, पुलिन स्तूप तथा मैंग्रोव हैं जो इनकी प्रबलता को झेलते हैं। अतः अगर हम तटों के किनारों पर पाए जाने वाले मैंग्रोव व तलछट से छेड़छाड़ करते हैं तो ये तटीय स्थलाकृतियाँ अपरदित हो जाएँगी तथा मानव व मानवीय बस्तियों को तूफान व सुनामी लहरों के सीधे प्रथम प्रहार झेलने होंगे।
7.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
मरुस्थलीय क्षेत्रों में पर्वतों के पाद पर मलबे रहित अथवा मलबे सहित मंद ढाल वाले चट्टानी तल को क्या कहते हैं?
A
इंसेलबर्ग
B
पेडीमेंट
C
पीठिका शैल
D
प्लाया
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः मरुस्थलों में भूदृश्य का विकास मुख्यतः पेडीमेंट का निर्माण व उसका ही विकसित रूप है। पर्वतों के पाद पर मलवे रहित अथवा मलवे मंद ढाल वाले चट्टानी तल पेडीमेंट कहलाते हैं। मरुस्थली जब उच्च धरातल, आकृति विहीन मैदान में परिवर्तित हो जाते हैं तो उसे पेडीप्लेन/पदस्थली कहते हैं।
Access all questions and much more by creating a free account
Create resources
Host any resource
Get auto-graded reports

Continue with Google

Continue with Email

Continue with Classlink

Continue with Clever
or continue with

Microsoft
%20(1).png)
Apple
Others
Already have an account?